Monday, May 6, 2019

TEACHING STORY


FOR A TIME, A MAN WAS GOING, WALKING ON THE ROAD, HE SAW A MANGO GARDEN, IN THE GARDEN, IN THE GARDEN. THERE WAS A LARGE GROUP OF MANGO TREES ON WHICH FRESH AND LARGE MANGOES WERE COMMON.


SEEING THE MANGO MANGO AND THE FRESH MANGO, SHE WAS CURIOUS ABOUT GETTING THE MANGO. THE MAN DECIDED TO GO TO THE GARDEN IN THE CURRY OF COMMON FOOD AND WENT TO THE TREE AND STARTED BREAKING THE MANGO, AND HE BROKE SOME MANGOES AND STARTED EATING THEM.
DURING THIS, THE OWNER OF THE MANGO SAW ALL THIS AND TOOK A STICKS WITH HIM AND CAME BACK FROM BEHIND THE MAN. THEN HE BEGAN TO BEAT THE MAN WITH A STICK, THE GARDEN OWNER ROOTED ON THE BACK OF THE 8-10 BLACKJACK MAN AND THE MAN WAS VERY SCORCHED AND RAN AWAY FROM HIM.
NOW COME TO THE ESSENCE OF THE STORY: -
WE ALL KNOW THAT THAT MANGO WAS NOT SEEN BY THAT MAN BUT HIS EYES WERE SEEN, BUT THE EYES COULD NOT GO NEAR THAT MANGO TREE, THE MAN WALKED IN THE FOOT OF THE TREE, BUT EVEN THE LEGS COULD NOT BREAK THE MANGO, HIS HANDS BROKE THE MANGO BUT THE HAND COULD NOT TASTE THE FRUIT, THE MANGO TASTE WAS TAKEN BY HIS TONGUE, BUT EVEN THE TONGUE DID NOT KEEP THE JUICE OF THE RAKHI, HIS JUICE KEPT THE STOMACH CLOSE TO HIM.
IT MEANS THAT THE ONE WHO SAW IT DID NOT GO AND WHOEVER HE WENT, HE DID NOT TASTING ANYTHING AND DID NOT TASTE IT AND DID NOT TASTED IT.
BUT THE BLACKSMITH BEAT साहनी WHILE SHE HAD NOTHING TO DO, FINALLY SHE SUFFERED PAIN AND TEARS GOT OUT OF SIGHT.
THAT IS: - THE LAW OF THE SAME THING IS THAT WHATEVER PART OF OUR BODY IS DESIRED, ITS FRUIT WILL CONTINUE TO MEET THE SAME ORGAN.
IF YOU WANT TO DO THE SAME WITH THINKING, THEN YOU HAVE TO REPENT.
SPECIAL ASPECT: -
OUR HANDS AND FEET NEVER GO WRONG AND DO NOT GO TO THE WRONG PLACE, BUT ALL THE GAMES ARE THESE EYES AND TONGUES FOR WHICH WE USE THEM. THESE ARE THE WORLDS OF SHOW THAT O

कर्म का फल

⇐⇏एक समय की बात हे, एक आदमी कही जा रहा था, चलते चलते उसे एक आम का बगीचा दिखाई दिया, बगीचे में । आम के पेड़ो का एक विशाल समूह था जिस पर ताजे और मोठे आम ही आम लगे हुए थे।




आम के मोटे और ताजे आम को देखकर उसे उन आम को पाने के जिज्ञाषा हुई। उस आदमी ने आम खाने की जिज्ञासा में बगीचे में जाने का  निश्चय किया और पेड़ो के पास जाकर आम को तोड़ने लगा और कुछ आम उसने तोड़े और उन खाने लगा ।

इसे दौरान आम के बगीचे के मालिक ने ये सब कुछ देखा और अपने साथ एक लाठी लेकर, दबे पाव उस आदमी के पीछे से आया. -फिर उसने आदमी को लाठी से पीटने लगा, बगीचे के मालिक ने ८-१० लाठी आदमी की पीठ पर जड़ दिए और आदमी बहुत जोर से चिलाय और वह से भाग निकला ।

अब कहानी के सार पर आते हे:-

हम सभी जानते हे की उस आम को उस आदमी ने नहीं बल्कि उसकी आखो ने देखा था परन्तु आखे तो उस आम के पेड़ के पास नहीं जा सकती , पेड़ के पास आदमी के पैर चलकर गए परन्तु पैर भी तो उस आम को नहीं तोड़ सकते , आम को तोडा उसके हाथो ने परन्तु हाथ तो फल का स्वाद नहीं ले सकते , आम का स्वाद उसकी जीभ ने लिया परन्तु जीभ भी तो उसके रस को नहीं रख राकी अपने पास , उसके रस को रखा पेट ने अपने पास।


इसका मतलब हे जिसने देखा वो गया नहीं और जो गया उसने थोड़ा नहीं और जिश्ने तोडा उसने चखा नहीं और जिसने चखा उसने रखा नहीं ।
परन्तु लाठी पीट को साहनी पड़ी जबकि उसका कुछ लेना देना नहीं था , अंत में दर्द हुआ और आशु निकले आखो से ।
अर्थात :- हमारे सरीर के जिस भी अंग से इच्छा होगी उसी को उसका फल उसी अंग को मिलके ही रहता हे यही काम का विधान हे।
सोच समझ कर ही इच्छा करनी चाहिए नहीं तो अंत में पछताना ही पड़ता हे ।
विशेष पहलु :-

हमारा हाथ और पैर कभी गलत काम और गलत जगह नहीं जाते परन्तु सारा खेल तो इन आखो और जीभ का हे जिसके लिए हम इनका उपयोग करते हे । ये दुनिया दिखावे की जो हे ।


धन्यवाद्




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FOR A TIME, A MAN WAS GOING, WALKING ON THE ROAD, HE SAW A MANGO GARDEN, IN THE GARDEN, IN THE GARDEN. THERE WAS A LARGE GROUP OF MANGO TR...